
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस ने एक महिला IAS अधिकारी के किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया।
रात के अंधेरे में हुई रेड में पुलिस ने 4 युवक और 4 युवतियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा, जबकि रैकेट चलाने वाला दलाल सर्वेश दुबे भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
₹15 हजार किराया, लेकिन “धंधा” लाखों का!
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सर्वेश दुबे ने यह मकान ₹15,000 प्रति माह के किराए पर लिया था।
बाहर से यह एक सामान्य रिहायशी घर लगता था, लेकिन अंदर कमरों में सौदे तय हो रहे थे, ग्राहक आ-जा रहे थे और दलाल निगरानी में लगा रहता था।
पुलिस साफ कर चुकी है कि IAS अधिकारी का इस रैकेट से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है, मकान सिर्फ किराए पर दिया गया था।
पड़ोसियों की शिकायत बनी बड़ी कड़ी
मामला कीडगंज इलाके का है, जो घनी आबादी वाला रिहायशी क्षेत्र है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि रोज नए लड़के-लड़कियों का आना-जाना। देर रात तक हलचल। मोहल्ले का माहौल खराब।
पड़ोसियों का कहना था—“ये इलाका रहने लायक है, रेड-लाइट एरिया नहीं।”
मुखबिर की सूचना और फिर Night Raid
पुलिस ने एक गुप्त मुखबिर को मकान पर नजर रखने को कहा। जब हर दिन नए चेहरे और देर रात की आवाजाही कन्फर्म हुई, तो पुलिस टीम ने रात में रेड मारी।
दरवाजा न खोलने पर पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर एंट्री ली—और जो नजारा सामने आया, उसने पूरी कहानी बयां कर दी।

कमरों में पकड़े गए युवक-युवतियां, आपत्तिजनक सामग्री बरामद
चार अलग-अलग कमरों में 4 युवक, 4 युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
पकड़ी गई युवतियां पश्चिम बंगाल, वाराणसी, प्रयागराज की रहने वाली बताई जा रही हैं, जबकि युवक सभी प्रयागराज के निवासी हैं।
कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
अब जांच का फोकस है क्या ये सिर्फ एक घर तक सीमित रैकेट था? और कौन-कौन शामिल है? नेटवर्क शहर के बाहर तक फैला है या नहीं?
घर IAS का, किराया मामूली, और अंदर चल रहा था— फुल-फ्लेज्ड अंडरग्राउंड बिज़नेस। ये मामला सिर्फ सेक्स रैकेट का नहीं, बल्कि शहरों में किराए के मकानों की निगरानी पर भी बड़ा सवाल है। कांग्रेस ने असम से किया Experiment, क्या NDA के किले में लगेगी दरार?
